‘सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है’

‘सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है’
आज सुभाषनगर निवासी पेशे से पेंटर व हलवाई मनोज कुमार पिछले सात साल से पैर की गंभीर चोट से जूझ रहा था मनोज का पैर पूरी तरह से सड़ चुका था जानकारी मिलने पर हमारी संस्था ‘आस’ द्वारा लगभग 7 माह पहले मनोज के पैर का ऑपरेशन करवाया गया जिसमें मनोज के एक पैर को काटना पड़ा पैर कटने के कारण मनोज पूरी तरह दूसरों पर आश्रित हो गया और वह काम करने में पूर्ण रूप से असमर्थ हो गया मनोज की एक बूढ़ी माँ पत्नी और तीन बच्चे हैं हैं मनोज के घर की बदहाली को देखते हुए हमारी संस्था ‘आस’ के साथियों द्वारा यह निर्णय लिया गया कि मनोज को एक विकलांग साइकिल भेंट की जाए ताकि मनोज उस पर पान की छोटी सी दुकान लगा ले और अपना जीवन यापन कर सके इसी के तहत आज हमारी संस्था ‘आस’ द्वारा मनोज को विकलांग साईकिल भेंट की गई इस दौरान ‘आस’ की अध्यक्ष समयुन ख़ान, इसराफील राश्मी , योगेश देशमुख ,नज़र ख़ान , गौरव सिंह चौहान , अशफाक गाजी , मयंक शुक्ला मोंटी , लकी शाह मौजूद रहे ।

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