बीजेपी के कद्दावर नेता और भाजपा के विधायक रहे दिवंगत केसर सिंह गंगवार

बीजेपी के कद्दावर नेता और भाजपा के विधायक रहे दिवंगत केसर सिंह गंगवार की आकस्मिक मृत्यु के बाद नवाबगंज की राजनीति के नये समीकरण सामने आ रहे हैं। वहाँ भारतीय जनता बीजेपी के टिकट पर दिवंगत विधायक केसर सिंह गंगवार के सुपुत्र अपने पिता के बाद जिम्मेदारी संभालने के लिये तैयार हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्षा रहीं ऊषा गंगवार का दमदार नाम भी शामिल है। कई नये चेहरे भी भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिये आतुर हैं। इसी घराने से संबंधित और पुश्तैनी राजनीतिक विरासत संभालने के लिये भुजेन्द्र गंगवार की भारतीय जनता पार्टी के बड़े नेताओं से नजदीकियाँ किसी से छुपी नहीं है और वह भी टिकट के मजबूत दावेदार हैं। इसी बीच डॉ0 एमपी आर्या ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। नवाबगंज की राजनीति के बारे में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता, समाजसेवी और रणनीतिकार रवि रस्तोगी ने कूटनीतिक शब्दों में डॉ0 एमपी आर्या की सक्रियता पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। उन्होंने कहा है कि डॉ0 एमपी आर्या ने 2017 विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर पार्टी और संघ के झंडे जलाये थे और पार्टी और संघ के विरोध में अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इसके अलावा डॉ0 एमपी आर्या पार्टी में पुनः विधिवत तरीके से शामिल भी नहीं हुए हैं। रवि रस्तोगी ने आगे कहा है कि उन्होंने हरदुआ, नवाबगंज के डिग्री कालेज की क्या स्थिति बना रखी है, यह नवाबगंज की जनता बखूबी जानती है। इसके अलावा उनके अस्पताल की व्यवस्था के बारे में मैं कुछ नहीं कहना चाहता हूँ। बल्कि इस बारे में नवाबगंज की जनता बहुत सतर्क और सावधान है। बीजेपी बहुत सोच-समझकर अपना प्रत्याशी तय करेगी और वहाँ बेहतर नतीजे सामने आएंगे। कोरोना में बीजेपी के कार्यकर्ताओं और प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी के नेतृत्व में जनता के हित के लिये बहुत बेहतर अच्छे काम कर रही है।

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