चुनाव ड्यूटी कर रहे कर्मचारी पर ही कर दी कार्रवाई


गांव नौहारा हसनपुर में पंचायत चुनाव के मतदान वाले दिन हुए खूनी संघर्ष में बिशारतगंज पुलिस की बड़ी अदूरदर्शिता सामने आई है। अधिकारियों की फटकार के बाद पुलिस ने संघर्ष में शामिल तीनों पक्षों के छह दर्जन से अधिक लोगों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस ने इस दौरान दो ऐसे सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई कर दी है जो मतदान के दौरान अन्य ब्लाकों में चुनाव ड्यूटी कर रहे थे। दोनों पीड़ित कर्मचारियों ने बुधवार को मामले की शिकायत एसएसपी और एसडीएम आंवला से की है।

गांव नूरपुर बुजुर्ग के देशराज वर्मा ने बताया कि वह नौहारा हसनपुर गांव के प्राइमरी स्कूल में शिक्षक हैं। मतदान वाले दिन ब्लॉक बहेड़ी के छतरियां गांव में प्रथम चुनाव अधिकारी के रूप में ड्यूटी कर रहे थे। इसी गांव के लेखराज ब्लाक रामनगर के संग्रामपुर गांव में चुनाव ड्यूटी पर थे। आरोप है कि विशारतगंज पुलिस ने दोनों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई कर दी है। 15 अप्रैल को नौहारा हसनपुर गांव में मतदान स्थल के बाहर प्रधान पद एवं जिला पंचायत पद के प्रत्याशियों व उनके समर्थकों के मध्य हार जीत एवं फर्जी वोटिंग को लेकर खूनी संघर्ष हो गया था जिसमें आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे
बीके मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक ने बताया
चुनावी ड्यूटी कर रहे सरकारी कर्मचारी के विरुद्ध यदि निरोधात्मक कार्रवाई की गई है तो वह अपना ड्यूटी कार्ड एसडीएम आंवला के समक्ष प्रस्तुत करके कार्रवाई से बच सकता है।

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